अंबाला। रक्षा मंत्रालय ने कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। इस कड़ी के तहत अब आरए बाजार (रॉयल आर्टिलरी बाजार) का नाम बदलकर तोपखाना बाजार करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रक्षा मंत्रालय के ताजा निर्देशों के बाद छावनी परिषदों ने ब्रिटिश काल के नामों को बदलने और औपनिवेशिक काल की मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
स्वदेशी पहचान को प्राथमिकता : रक्षा मंत्रालय के समन्वय विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी पत्र के अनुपालन में, पश्चिमी कमान ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि आरए बाजार नाम ब्रिटिश सैन्य विरासत का प्रतीक है, जबकि तोपखाना शब्द भारतीय सैन्य इतिहास और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह नाम न केवल स्वदेशी पहचान को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय विरासत को भी नई ऊर्जा देगा। मूर्तियों और स्मारक भी हटेंगे : नए आदेश के तहत केवल सड़कों के नाम ही नहीं बदले जाएंगे, बल्कि सैन्य प्रतिष्ठानों के भीतर स्थित ब्रिटिश कालीन व्यक्तित्वों की मूर्तियों, प्रतिमाओं और स्मारकों को भी हटाया या स्थानांतरित किया जाएगा। मंत्रालय का स्पष्ट मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर भारतीय संस्कृति और नायकों का प्रतिबिंब होना चाहिए।
जनता को नहीं होगी असुविधा : छावनी अधिनियम, 2006 की धाराओं के तहत बोर्ड के पास सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के नामकरण का अधिकार सुरक्षित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य चरणबद्ध बदलाव के तहत किया जाएगा। इसमें सरकारी रिकॉर्ड, मानचित्रों और साइन बोर्ड को धीरे-धीरे अपडेट किया जाएगा, इसके अलावा अभिलेखों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। संवाद