दूषित पानी पी रहे लोग
हिसार। शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली बालसमंद नहर में तीन-चार मृत पशु पड़े हैं। लोगों के अनुसार करीब एक सप्ताह से नहर के साइफन में मृत पशुओं के शव अटके पड़े हैं और ये पानी जलघरों में जा रहा है, जिसे शहरवासी पीने के लिए इस्तेमाल में ला रहे हैं। लोगों ने सिंचाई विभाग से इन पशुओं के शव नहर से निकलवाने की मांग की है।
कैमरी रोड निवासी भागमल, मान सिंह, धर्मवीर व राजेश आदि ने बताया कि डीएवी स्कूल के पास बालसमंद नहर के साइफन पर काफी दिनों से तीन-चार पशुओं के शव पड़े हैं। साइफन होने के कारण ये शव यही अटके पड़े हैं। इनके कारण यहां वातावरण में काफी बदबू भी फैली हुई है। इसके अलावा इन शवों के कारण पानी भी दूषित हो रहा है। ये पानी आगे कैमरी रोड व आजाद नगर जलघर में भरा जा रहा है और जिसे विभाग घरों में सप्लाई कर रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहरवासी कैसा पानी पी रहे हैं। इसके अलावा साइफन पर ढेर सारा कचरा भी अटका पड़ा है। इसे कचरे का भी उठान करवाया जाए।
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रायपुर के नहर में मिली थीं मृत मुर्गियां
इससे पहले रायपुर के पास बालसमंद नहर में काफी संख्या में मृत मुर्गियां मिली थीं। अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग ने इन मृत मुर्गियों को नहर से निकलवाया था। हालांकि अधिकारी अभी तक उस व्यक्ति की पहचान नहीं कर सके, जिसने मृत मुर्गियों को नहर में फेंका था।
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नहर के पानी में मिले खरपतवार नाशक एट्राजीन के अंश
उधर बालसमंद नहर के पानी में खरपतवार नाशक एट्राजीन के अंश मिले हैं। नहरी पानी में इसकी मात्रा तय मात्रा से 5 गुणा अधिक मिली है जो एक चिंता का विषय है। अब यही पानी शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति में दिया जाएगा। इस पानी को नियमित इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी बीमारियों का भी खतरा हो सकता है।