हिसार। हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन ने वर्ष 2025 में आधे हरियाणा में तबाही मचाई थी। इस साल यह ड्रेन तबाही कारण फिर से न बने इसके लिए किसान एकजुट होकर गांवों के स्तर पर पंचायत करेंगे। अपने अपने क्षेत्र में इस ड्रेन को लेकर चल रहे कार्याें का निरीक्षण और निगरानी करेंगे। 20 मई तक सभी जोन में 20 पंचायत की जाएंगी। ओटू हेड (सिरसा) पर 28 मई को महापंचायत होगी।
किसान सभा की ओर से सोमवार को जाट धर्मशाला में संगठन के प्रधान बलबीर सिंह की अध्यक्षता हुए राज्य स्तरीय सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया। चेताया गया कि समाधान नहीं कराया गया तो सिंचाई मंत्री के आवास पर धरना दिया जाएगा।
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा पिछली साल की बाढ़ प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि यह व्यवस्था और प्रशासन की विफलता का परिणाम थी। भविष्य में किसान सभा प्रदेश भर में बाढ़ और जलभराव के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश भर में आंदोलन करेगी।

किसान सभा हरियाणा राज्य महासचिव सुमित दलाल ने बताया कि हरियाणा के कई जिले ज्यादा बारिश होने से जलभराव और बाढ़ की मार झेलते है। जलस्तर ऊपर आने से लाखों एकड़ भूमि सेम ग्रस्त है जिससे हर साल किसानों को फसलों में भारी नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार किसानों को मुआवजा न देकर भद्दा मजाक करती है। सम्मेलन में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, रोहतक, हांसी, चरखी दादरी जिले के किसान प्रतिनिधियों की शिरकत की।

कपूर सिंह बगला,रामफल देशवाल,सतबीर सिंह ने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से किसानों ने बाढ़ से बचाव कार्यों को तेज करने ,हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन की सफाई होनी चाहिए। ड्रेन के पानी को घग्गर में डालने के लिए ओटू हेड के पास पंप सेट लगाने, उनके लेवल को ठीक करने,उसके बांध पक्के करने,नीचे के गावों में ड्रेन के किनारे पक्के करने,फसल खराबे के मुआवजे जारी किया जाए।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के रिटायर्ड प्रो. महावीर जागलान ने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत के वार्षिक बजट में भारी भ्रष्टाचार होता है। यदि जारी राशि का आधा हिस्सा सही जगह पर खर्च होता तो किसानों की फसलों की तबाही रोकी जा सकती थी। पिछले साल 31 लाख एकड़ में पंजीकरण हुआ लेकिन केवल 1.2 लाख एकड़ का मुआवजा दिया गया। फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों की मनमानी से किसानों को पूरा क्लेम नहीं मिला।

सम्मेलन के बाद अधीक्षक अभियंता कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता विमल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सम्मेलन को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, डॉ. बलजीत भ्यान, कामरेड ओमप्रकाश, सरबत पूनिया, विष्णु , शमशेर नंबरदार, संदीप धीरनवास और रोहताश राजली आदि ने संबोधित किया।