नारनौंद। मनरेगा के तहत गांव खेड़ी जालब में कई निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं। इन कार्यों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सीएम फ्लाइंग हिसार की रेंज प्रभारी सुनैना के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को गांव में चल रहे तालाब खोदाई और खेत रास्ते के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं।
जब टीम ने तालाब खोदाई स्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि मनरेगा पोर्टल पर 85 मजदूरों की हाजिरी दर्ज थी, लेकिन मौके पर 83 मजदूर ही कार्यरत मिले। जांच में यह भी पता चला कि पूनम रानी नामक महिला मजदूर की जगह मेट सुमन का फोटो पोर्टल पर अपलोड कर हाजिरी दर्ज की गई थी जबकि, दूसरा मजदूर सोनू मौके से गैरहाजिर मिला।


इसके बाद टीम ने गांव में चल रहे खेत रास्ते निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यहां मस्टर रोल नंबर 2678 और 2679 में 17 मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज की गई थी, लेकिन मौके पर न तो कोई मजदूर मिला और न ही कोई कार्य हुआ पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि तालाब खोदाई में लगे 15 मजदूरों के नाम कागजों में खेत रास्ते के काम पर भी दर्ज किए गए थे, जो गंभीर गड़बड़ी है।
सीएम फ्लाइंग टीम को पहले से सूचना मिली थी कि गांव में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी आधार पर यह निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के बाद एबीपीओ नरेंद्र कुमार ने माना कि कार्यों में भारी लापरवाही हुई है।
हिसार रेंज प्रभारी सुनैना ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और जिम्मेदारों पर मनरेगा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी बीएंडआर उपमंडल अभियंता सौरव चौहान, एएसआई सुरेंद्र, एचसी विजय, मनरेगा एबीपीओ नरेंद्र कुमार और गांव के सरपंच युद्धवीर भी मौजूद रहे।